लेकिन मेरी 6 वर्षीया पौत्री कु0 प्राची
मिष्ठान केक काटने की जिद करने लगी।
और मम्मी का केक बिटिया ने काटा।
इस अवसर पर सरस पायस के सम्पादक रावेंद्रकुमार रवि
मेरा ममेरा भाई डॉ.इन्द्रदेव माहर, इनकी श्रीमती रजनी माहर,
दोनों बिटिया कु0 नन्दिनी, कु0 पल्लवी
प्राची की नानी जी, उनका पौत्र लक्की, पौत्री कु0 भारती,
प्राची का भाई प्राञ्जल, चाचा जी विनीत शास्त्री, पापा जी
नितिन शास्त्री,प्राची की सहपाठी सेजल गुप्ता, पीयूष गुप्ता,
दादी जी श्रीमती अमर भारती
और बड़े दादा जी श्री घासीराम आर्य और बड़ी दादी जी
श्रीमती श्यामवती देवी भी साथ थीं।
केक काटा गया और प्राची ने अपने छोटे-छोटे हाथों से
बड़े प्यार से सबको वितरित किया।
पुत्र-वधु के जन्म-दिन ने नव-वर्ष की खुशियाँ
वास्तव में दूनी कर दीं।
