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मंगलवार, जून 23, 2009

‘‘मोहन राकेश- एक विहंगम दृष्टि’’(डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

मोहन राकेश-
मोहन राकेश का जन्म 8 जनवरी 1925 को एक समृद्ध, सुसंस्कृत सिन्धी परिवार में अमृतसर में हुआ था। वे स्वच्छ जीवन के विश्वासी थे। उनकी प्रेयसी पत्नी का नाम अनिता औलिक था। वे यायावर प्रकृति के थे।
उनकी मृत्यु 3 दिसम्बर 1972 को मात्र 48 वर्ष की आयु में ही हो गयी
योगदान-
मोहन राकेश ने उपन्यास, कहानी, नाटक, निबन्ध, यात्रावृत्तऔर डायरी आदि अनेक साहित्यिक विधाओं में अपनी कलम चलाई।
उपन्यास-
मोहन राकेश ने कुल छः उपन्यास लिखे।
अन्धेरे बन्द कमरे (1961), न आने वाले कल (1968) और अन्तराल (1972) प्रमुख
कहानी-संग्रह-
मोहन राकेश के 11 कहानी संग्रह प्रकाशित हुए हैं-
अपरिचित (1957), नये बादल (1957), मवाली (1958), परमात्मा का कुत्ता (1958), इंसान के खंडहर (1958), आद्र्धा (1958), आखिरी सामान (1958), मिस पाल (1959), सुहागिनें (1961), औलाद का आकाश (1966) और एक-एक दुनिया (1969)
एकांकी-
मोहन राकेश का एक एकांकी संग्रह ‘अण्डे के छिलके तथा अन्य एकांकी’ प्रकाशित हुआ है।
नाटक-
मोहन राकेश के कुल चार नाटक प्रकाशित हुए हैं-
आषाढ़ का एक दिन (1959), लहरों के राजहंस (1963), आधे-अधूरे (1969) और गाँव तले की जमीन उनका अधूरा नाटक था।

5 टिप्‍पणियां:

  1. mohan rakesh jaise moordhnya saahityakaar ka bahut umda parichya aapne diya....
    aap haardik badhaai k patra hain
    aapka abhinandan !

    उत्तर देंहटाएं
  2. mohan rakesh ji ke bare mein batane ke liye shukriya.......... humne to aashadh ke ek din .........is rachna ke bare mein hi kafi sun rakha tha aur jo kafi charchit raha.baki jankari aapse mil gayin.

    उत्तर देंहटाएं
  3. मोहन राकेश गजब के रचनाकार हैं। खासकर उनके नाटक, चाहे वह अषाढ का एक दिन हो अथवा आधे अधूरे, लाजबवाब हैं।
    -Zakir Ali ‘Rajnish’
    { Secretary-TSALIIM & SBAI }

    उत्तर देंहटाएं
  4. हिन्दी की विभूतियों का परिचय दे आप बहुत महत्त्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
    'आषाढ़' के महीने में 'आषाढ़ का एक दिन' के रचयिता का परिचय देने के लिए धन्यवाद।

    उत्तर देंहटाएं

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कृपया नापतोल.कॉम से कोई सामन न खरीदें।

मैंने Napptol.com को Order number- 5642977
order date- 23-12-1012 को xelectron resistive SIM calling tablet WS777 का आर्डर किया था। जिसकी डिलीवरी मुझे Delivery date- 11-01-2013 को प्राप्त हुई। इस टैब-पी.सी में मुझे निम्न कमियाँ मिली-
1- Camera is not working.
2- U-Tube is not working.
3- Skype is not working.
4- Google Map is not working.
5- Navigation is not working.
6- in this product found only one camera. Back side camera is not in this product. but product advertisement says this product has 2 cameras.
7- Wi-Fi singals quality is very poor.
8- The battery charger of this product (xelectron resistive SIM calling tablet WS777) has stopped work dated 12-01-2013 3p.m. 9- So this product is useless to me.
10- Napptol.com cheating me.
विनीत जी!!
आपने मेरी शिकायत पर करोई ध्यान नहीं दिया!
नापतोल के विश्वास पर मैंने यह टैबलेट पी.सी. आपके चैनल से खरीदा था!
मैंने इस पर एक आलेख अपने ब्लॉग "धरा के रंग" पर लगाया था!

"नापतोलडॉटकॉम से कोई सामान न खरीदें" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

जिस पर मुझे कई कमेंट मिले हैं, जिनमें से एक यह भी है-
Sriprakash Dimri – (January 22, 2013 at 5:39 PM)

शास्त्री जी हमने भी धर्मपत्नी जी के चेतावनी देने के बाद भी
नापतोल डाट काम से कार के लिए वैक्यूम क्लीनर ऑनलाइन शापिंग से खरीदा ...
जो की कभी भी नहीं चला ....ईमेल से इनके फोरम में शिकायत करना के बाद भी कोई परिणाम नहीं निकला ..
.हंसी का पात्र बना ..अर्थ हानि के बाद भी आधुनिक नहीं आलसी कहलाया .....
--
मान्यवर,
मैंने आपको चेतावनी दी थी कि यदि आप 15 दिनों के भीतर मेरा प्रोड्कट नहीं बदलेंगे तो मैं
अपने सभी 21 ब्लॉग्स पर आपका पर्दाफास करूँगा।
यह अवधि 26 जनवरी 2013 को समाप्त हो रही है।
अतः 27 जनवरी को मैं अपने सभी ब्लॉगों और अपनी फेसबुक, ट्वीटर, यू-ट्यूब, ऑरकुट पर
आपके घटिया समान बेचने
और भारत की भोली-भाली जनता को ठगने का विज्ञापन प्रकाशित करूँगा।
जिसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।
इत्तला जानें।