समर्थक

सोमवार, मई 25, 2009

‘‘रबड़-प्लाण्ट बनाम ठा.कमलाकान्त सिंह’’ (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

(१९९८ में मेरी वैवाहिक जीवन की 25वीं वर्ष-गाँठ पर ठा. कमलाकान्त सिंह आशीर्वाद देते हुए)
मेरे घर के आगे रबड़ प्लाण्ट का एक विशाल छायादार पेड़ है। इसकी छाया इतनी घनी है कि हल्की-फुल्की बारिश से भी इसके नीचे खड़े होने से बचाव हो जाता है। मेन रोड पर घर होने के कारण इसके नीचे अक्सर राहगीर थोड़ा सा जरूर सुस्ता लेते हैं।

मेरे एक अभिन्न मित्र थे ठाकुर कमलाकान्त सिंह जो कि आयु में मेरे पिता समान थे। परन्तु वे बहुत जिन्दादिल इन्सान थे। शहर के जाने-माने धनाढ्य व्यक्ति होने पर भी उनका मुझ पर स्नेह था। इतना ही नही वो मुझे अपना दादा-गुरू मानते थे। कभी-कभी जब मेरा विवाद पार्टी के लोगों से हो जाता था तो ठाकुर साहब सदैव ही मेरा पक्ष लिया करते थे।

सच पूछा जाये तो पं.नारायण दत्त तिवारी जी से उन्होंने ही मुझे सबसे पहले परिचित कराया था। शहर में उनका एक मात्र थ्री-स्टार होटल ‘‘बेस्ट-व्यू’’ के नाम से आज भी सुस्थापित है। जिसका शिलान्यास भी पण्डित नारायण दत्त तिवारी ने किया था और इसका उद्घाटन भी उनके ही कर कमलों से हुआ था। मुझे याद है कि इस कार्यक्रम का संचालन मैंने ही किया था।

सन् 1994 की बात है। उन दिनों उनका होटल नया-नया ही बना था। वो रबड़-प्लाण्ट की पौध अपने होटल के लिए लाये थे।

मैं उनके पास बैठा था कि वो अचानक बोले- ‘‘शास्त्री जी! आपको रबड़-प्लाण्ट लगाना है तो ले जाइए।’’

उनकी बात पर मैं यह सोच कर चुप रहा रहा कि इन्होंने पन्त-नगर से यह पौध मँगाई हैं । अतः मेरा माँगना उचित नही रहेगा। थोड़ी देर उनके पास बैठ कर मैं वापिस अपने घर आ गया।

अगले दिन मैंने देखा कि ठाकुर साहब अपनी मारूति वैन में बैठ कर जब मेरे घर आये तो आये उनके साथ रबड़-प्लाण्ट का एक पौधा भी था।

उन्होंने इसे मेरे घर के सामने अपने हाथों से लगा दिया और कहा- ‘‘शास्त्री जी! मैं तो नही रहूँगा परन्तु यह पौधा आपको मेरी याद दिलाता रहेगा।"

सन् 2002 में ठाकुर साहब तो परलोक सिधार गये परन्तु यह रबड़-प्लाण्ट जो आज एक विशाल वृक्ष बन चुका है। मुझे उनकी याद दिलाता रहता है।

इस वृक्ष को देख कर मुझे ऐसा लगता हैं कि ठाकुर कमलाकान्त सिंह का हाथ आज भी मेरे सिर पर है।

2 टिप्‍पणियां:

  1. DINESH CHANDRA PANDEY26 मई 2009 को 5:57 am

    SHASTRI JI.
    THAKUR KAMLA KANT SINGH MUJHE GURU KAHATE THE AUR MERE GURU AAP HEIN.
    ISLIYE VO AAPKO DADA-GURU KAHATE THE.

    उत्तर देंहटाएं
  2. बड़ों की छत्रछाया हमेशा रहती है
    किसी भी रूप में रहे .

    उत्तर देंहटाएं

केवल संयत और शालीन टिप्पणी ही प्रकाशित की जा सकेंगी! यदि आपकी टिप्पणी प्रकाशित न हो तो निराश न हों। कुछ टिप्पणियाँ स्पैम भी हो जाती है, जिन्हें यथासम्भव प्रकाशित कर दिया जाता है।

कृपया नापतोल.कॉम से कोई सामन न खरीदें।

मैंने Napptol.com को Order number- 5642977
order date- 23-12-1012 को xelectron resistive SIM calling tablet WS777 का आर्डर किया था। जिसकी डिलीवरी मुझे Delivery date- 11-01-2013 को प्राप्त हुई। इस टैब-पी.सी में मुझे निम्न कमियाँ मिली-
1- Camera is not working.
2- U-Tube is not working.
3- Skype is not working.
4- Google Map is not working.
5- Navigation is not working.
6- in this product found only one camera. Back side camera is not in this product. but product advertisement says this product has 2 cameras.
7- Wi-Fi singals quality is very poor.
8- The battery charger of this product (xelectron resistive SIM calling tablet WS777) has stopped work dated 12-01-2013 3p.m. 9- So this product is useless to me.
10- Napptol.com cheating me.
विनीत जी!!
आपने मेरी शिकायत पर करोई ध्यान नहीं दिया!
नापतोल के विश्वास पर मैंने यह टैबलेट पी.सी. आपके चैनल से खरीदा था!
मैंने इस पर एक आलेख अपने ब्लॉग "धरा के रंग" पर लगाया था!

"नापतोलडॉटकॉम से कोई सामान न खरीदें" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

जिस पर मुझे कई कमेंट मिले हैं, जिनमें से एक यह भी है-
Sriprakash Dimri – (January 22, 2013 at 5:39 PM)

शास्त्री जी हमने भी धर्मपत्नी जी के चेतावनी देने के बाद भी
नापतोल डाट काम से कार के लिए वैक्यूम क्लीनर ऑनलाइन शापिंग से खरीदा ...
जो की कभी भी नहीं चला ....ईमेल से इनके फोरम में शिकायत करना के बाद भी कोई परिणाम नहीं निकला ..
.हंसी का पात्र बना ..अर्थ हानि के बाद भी आधुनिक नहीं आलसी कहलाया .....
--
मान्यवर,
मैंने आपको चेतावनी दी थी कि यदि आप 15 दिनों के भीतर मेरा प्रोड्कट नहीं बदलेंगे तो मैं
अपने सभी 21 ब्लॉग्स पर आपका पर्दाफास करूँगा।
यह अवधि 26 जनवरी 2013 को समाप्त हो रही है।
अतः 27 जनवरी को मैं अपने सभी ब्लॉगों और अपनी फेसबुक, ट्वीटर, यू-ट्यूब, ऑरकुट पर
आपके घटिया समान बेचने
और भारत की भोली-भाली जनता को ठगने का विज्ञापन प्रकाशित करूँगा।
जिसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।
इत्तला जानें।